हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर विनेश फोगाट की बहन बबीता फोगाट सुर्खियों में आ गई है. विनेश फोगाट पर निशाना साधते हुए बबीता फोगाट ने कहा है कि 100 ग्राम वजन की वजह से मेडल जीतने से चूक गई, वजन घटाना सिर्फ खिलाड़ियों की जिम्मेदारी होती है ना कि प्रधानमंत्री की. अगर आप डिसक्वालीफाई हो गए हैं तो इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराना बिल्कुल गलत है, कभी भी खेल में राजनीति नहीं करनी चाहिए.

एक कार्यक्रम के दौरान बबीता फोगाट से जब पूछा गया था कि क्या विनेश के साथ पेरिस में जो कुछ भी हुआ उसके बाद उनसे अपने मुलाकात की है ,इसका जवाब देते हुए बबीता ने कहा है कि मैंने मैसेज के जरिए उनसे बातचीत की थी, मैंने अपने बेटे का उनके साथ वाला वीडियो भी शेयर किया था, जिससे कि उनका दुख कुछ काम हो सके, वह मेरी बहन रहेगी, हमने एक दूसरे के खिलाफ कुश्ती भी की है ,ऐसा नहीं है कि हम एक दूसरे के खिलाफ नहीं लड़े हैं. बबीता फोगाट ने कहा है कि हमने एक दूसरे के साथ कई टूर्नामेंट किए हैं और उसमें मुझे जीत मिली थी. 2018 कॉमनवेल्थ के दौरान हम तीन बहनें एक ही वेट कैटेगरी में खेली है, उसमें मैं थी, विनेश की छोटी बहन थी और उसकी बड़ी बहन प्रियंका भी थी और हम तीनों ने ट्रायल दिया था. हमें पापा ने सिखाया है कि जो मेहनत करेगा, उसे जीत मिलेगी और हम बहनों ने भी इसके लिए कभी बुरा नहीं माना कि हम एक ही वेट में क्यों आ गए. हम जिस भी क्षेत्र में मेहनत कर रहे हैं ,वह हमारा धर्म है.
बबीता से जब पूछा गया कि क्या आप विनेश के खिलाफ चुनाव प्रचार करने जाएंगे तो उन्होंने कहा है कि मुझे मेरी पार्टी जहां पर चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी देगी मैं वहां जाकर चुनाव प्रचार करूंगी.बबीता फोगाट ने कहा है कि उनके पास कोई भी प्रस्ताव नहीं आया है कि वह विनेश के खिलाफ खड़ी हो. विनेश के राजनीति में आने पर बबीता ने कहा है कि विनेश ने जल्दबाजी में फैसला लिया है ,विनेश को 2028 ओलंपिक में भी हिस्सा लेना चाहिए था. बबीता ने आगे जवाब देते हुए कहा कि विनेश ने एक बार कहा था कि उनका 2032 तक का प्लान था, अगर वह 2032 तक खेलना चाहती तो इस प्लान को खराब नहीं करती. इसमें अगर उनके गुरु ने कह दिया कि विनेश को खेलना चाहिए था और अच्छा प्रदर्शन कर रही थी, तो एक गुरु को यही चाहिए कि अगर विनेश खेल रही है तो इतने साल उन्होंने मेहनत करवाई है और गुरु भी चाहेंगे कि वह आगे खेलती रहे.